जन स्वास्थ्य रक्षक बहाली न्यूज़ 2022 UP
जन स्वास्थ्य रक्षक योजना एक भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित योजना थी, जिसकी शुरुआत वर्ष 1977 में हुई थी। यह योजना एक प्रतिमाह मानदेय के रूप में प्रति जन स्वास्थ्य रक्षक को 50 रुपये प्रदान करती थी। जन स्वास्थ्य रक्षक राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी नहीं थे।
मान्य उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, योजना समाप्त होने के बाद किसी भी जन स्वास्थ्य रक्षक का मानदेय लंबित नहीं था। साथ ही, यह सभी जनपदों को प्रतिशपथ पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था।
वर्तमान में प्रदेश में जन स्वास्थ्य रक्षकों की संख्या, पूर्व में नियुक्त किए जाने वाले जन स्वास्थ्य रक्षकों को किस आयु सीमा तक कार्य में लिया जा सकता है, और ऐसे जन स्वास्थ्य रक्षकों की संख्या पर विचार किया गया है। इसके अलावा, नए जन स्वास्थ्य रक्षकों या सवैछिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की नियुक्ति के बारे में भी चर्चा हो रही है। नए पदनाम और उनके कार्य एवं दायित्वों को भी निर्धारित किया जा रहा है।
इस योजना के चालू होने पर राज्य सरकार का व्यय भार और केंद्र सरकार से पूर्व की भ्रांति किस प्रकार से आर्थिक सहयोग प्राप्त किया जा सकता है, इसका निर्णय भी लेना होगा।
विभिन्न खबरों में उल्लिखित है कि उत्तर प्रदेश में जन स्वास्थ्य रक्षकों की बहाली के लिए कार्रवाई की जा रही है। जन स्वास्थ्य रक्षकों को कोरोना वायरस संचारी रोगों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, उन्हें डेंगू और मलेरिया जैसे मच्छर जनित बीमारियों के मरीजों का ढूंढने में भी अहम भूमिका मिलेगी।
इसके अलावा, जन स्वास्थ्य रक्षक प्रणाली से जनसंख्या नियंत्रण और परिवार कल्याण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का भी अवसर हो सकता है।
यह विषय शुक्रवार, 12 मई 2023 को लखनऊ में आयोजित एक कार्यशाला में चर्चा का विषय बना था। प्रतिनिधिमंडल ने उप राष्ट्रीय मंत्री ब्रजेश पाठक को उनके प्रयासों की सराहना की और उन्हें आपत्तिजनक बीमारियों के खिलाफ लड़ने में सहयोग करने के लिए अपना संकल्प पत्र सौंपा। इस मौके पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
उप मुख्यमंत्री ने ओल इंडिया एसोसिएशन के रचनात्मक प्रयासों की सराहना की और उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। वहने भी बताया कि आभा ऐप के माध्यम से मरीजों का पंजीकरण और टोकन देने की व्यवस्था सफल साबित हो रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है, जिससे डॉक्टरों की कमी को पूरा किया जा सकेगा। अस्पतालों में दवाओं की कमी को भी दूर कर दिया गया है।
इसके साथ ही, हर जिले में मुफ्त डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और सीटी स्कैन की सुविधा का विस्तार किया जा रहा है। सुपर स्पेशलिटी सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
source :
जन स्वास्थ्य रक्षक बहाली न्यूज़ 2022 UP
जन स्वास्थ्य रक्षक बहाली न्यूज़ 2023 UP
